Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.162.17: तत्पश्चात् सात्यकि ने दूसरा अत्यन्त शक्तिशाली धनुष उठाया और एक ही बार में सोमदत्त को पाँच बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.162.17 
अथान्यद् धनुरादाय सात्यकिर्वेगवत्तरम्।
पञ्चभि: सायकैस्तूर्णं सोमदत्तमविध्यत॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सात्यकि ने दूसरा अत्यन्त शक्तिशाली धनुष उठाया और एक ही बार में सोमदत्त को पाँच बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter Satyaki took up another extremely powerful bow and pierced Somadatta with five arrows in one go.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)