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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश
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श्लोक 15
श्लोक
7.162.15
ततो युधि महाराज सोमदत्तो महारथ:।
अर्धचन्द्रेण चिच्छेद माधवस्य महद् धनु:॥ १५॥
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् महारथी सोमदत्त ने युद्धस्थल में अर्धचन्द्राकार बाण से सात्यकि का विशाल धनुष काट डाला॥15॥
Maharaj! Thereafter, in the battlefield, the great charioteer Somdatta cut off Satyaki's huge bow with a crescent-shaped arrow. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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