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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 161: भीमसेन और अर्जुनका आक्रमण और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  7.161.7-8h 
निकृत्तैर्हस्तिहस्तैश्च चेष्टमानैरितस्तत:॥ ७॥
रराज वसुधाऽऽकीर्णा विसर्पद्भिरिवोरगै:।
 
 
अनुवाद
हाथियों की कटी हुई सूंडें ऐसी लग रही थीं मानो वे साँप हों जो इधर-उधर घूम रहे हों। उनसे ढकी ज़मीन बेहद खूबसूरत लग रही थी। 7 1/2
 
The elephants' trunks, cut off, looked as if they were snakes moving around. The ground covered by them looked extremely beautiful. 7 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)