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mahabharat 7.161.2-3h: यह देखकर द्रोणाचार्य की सेना से घिरे हुए राजा दुर्योधन ने भी युद्धभूमि में पाण्डवों पर आक्रमण कर दिया। महाराज! फिर तो भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया, जिससे कायरों का भय बढ़ गया।   |   mahabharat अध्याय 7.161: भीमसेन और अर्जुनका आक्रमण और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 161: भीमसेन और अर्जुनका आक्रमण और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 2-3h
 
 
श्लोक  7.161.2-3h 
ततो दुर्योधनो राजा भारद्वाजेन संवृत:।
अभ्ययात् पाण्डवान् संख्ये ततो युद्धमवर्तत॥ २॥
घोररूपं महाराज भीरूणां भयवर्धनम्।
 
 
अनुवाद
यह देखकर द्रोणाचार्य की सेना से घिरे हुए राजा दुर्योधन ने भी युद्धभूमि में पाण्डवों पर आक्रमण कर दिया। महाराज! फिर तो भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया, जिससे कायरों का भय बढ़ गया।
 
Seeing this, King Duryodhana, surrounded by Dronacharya's army, also attacked the Pandavas on the battlefield. Maharaj! Then a fierce battle began which increased the fear of cowards. 2 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)