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mahabharat 7.161.15-16h: राजन! इसी प्रकार आपके पुत्र का श्रेष्ठ सारथि जो आक्रमण करने में कुशल था, वह भी विशाल सेना लेकर द्रोणाचार्य के रथ के पास आ पहुँचा।   |   mahabharat अध्याय 7.161: भीमसेन और अर्जुनका आक्रमण और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 161: भीमसेन और अर्जुनका आक्रमण और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.161.15-16h 
तथैव तव पुत्रस्य रथोदारा: प्रहारिण:॥ १५॥
महत्या सेनया राजन् जग्मुर्द्रोणरथं प्रति।
 
 
अनुवाद
राजन! इसी प्रकार आपके पुत्र का श्रेष्ठ सारथि जो आक्रमण करने में कुशल था, वह भी विशाल सेना लेकर द्रोणाचार्य के रथ के पास आ पहुँचा।
 
Rajan! Similarly, your son's best charioteer who was skilled in attacking also reached near Dronacharya's chariot with a huge army. 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)