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mahabharat 7.160.8: भरतनन्दन! पाण्डव तो बलवान हैं और अपने ही हित के लिए युद्ध करते हैं, फिर वे आपकी सेनाओं का विनाश क्यों नहीं करेंगे?॥8॥   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.160.8 
आत्मार्थं युध्यमानास्ते समर्था: पाण्डुनन्दना:।
किमर्थं तव सैन्यानि न हनिष्यन्ति भारत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! पाण्डव तो बलवान हैं और अपने ही हित के लिए युद्ध करते हैं, फिर वे आपकी सेनाओं का विनाश क्यों नहीं करेंगे?॥8॥
 
Bharatanandan! The Pandavas are powerful and fight for their own sake, then why will they not destroy your armies?॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)