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mahabharat 7.160.58-59h: इस प्रकार युद्धभूमि में शत्रुओं को परास्त करके महाबली द्रोणपुत्र योद्धा वर्षा ऋतु में मेघ के समान जोर से गर्जना करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 58-59h
 
 
श्लोक  7.160.58-59h 
स जित्वा समरे शत्रून् द्रोणपुत्रो महारथ:॥ ५८॥
ननाद सुमहानादं तपान्ते जलदो यथा।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार युद्धभूमि में शत्रुओं को परास्त करके महाबली द्रोणपुत्र योद्धा वर्षा ऋतु में मेघ के समान जोर से गर्जना करने लगा।
 
Having thus vanquished his enemies on the battlefield, the mighty warrior, Drona's son, began to roar loudly like a cloud during the rainy season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)