Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.160.57-58h: पांचाल और संजय सैनिक अश्वत्थामा को छोड़कर युद्धभूमि में मारे जा रहे थे, उनके रथ और ध्वज नष्ट होकर बिखर गए थे ॥57 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते वध्यमाना: पञ्चाला: समरे सह सृञ्जयै:॥ ५७॥
अगच्छन् द्रौणिमुत्सृज्य विप्रकीर्णरथध्वजा:।
अनुवाद
पांचाल और संजय सैनिक अश्वत्थामा को छोड़कर युद्धभूमि में मारे जा रहे थे, उनके रथ और ध्वज नष्ट होकर बिखर गए थे ॥57 1/2॥
The Panchala and Sanjaya soldiers were getting killed on the battlefield, abandoning Ashvatthama, and their chariots and flags were destroyed and scattered. ॥ 57 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥