Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.160.55-57h: महारथी द्रोणपुत्र ने पहले सौ बाणों से सौ पांचाल योद्धाओं को मार डाला, फिर तीन तीखे बाणों से उनके तीन महारथियों को भी मार डाला। धृष्टद्युम्न और अर्जुन के सामने ही खड़े हुए बहुत से पांचाल योद्धाओं को उसने नष्ट कर दिया। ॥55-56 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शतेन च शतं हत्वा पञ्चालानां महारथ:॥ ५५॥
त्रिभिश्च निशितैर्बाणैर्हत्वा त्रीन् वै महारथान्।
द्रौणिर्द्रुपदपुत्रस्य फाल्गुनस्य च पश्यत:॥ ५६॥
नाशयामास पञ्चालान् भूयिष्ठं ये व्यवस्थिता:।
अनुवाद
महारथी द्रोणपुत्र ने पहले सौ बाणों से सौ पांचाल योद्धाओं को मार डाला, फिर तीन तीखे बाणों से उनके तीन महारथियों को भी मार डाला। धृष्टद्युम्न और अर्जुन के सामने ही खड़े हुए बहुत से पांचाल योद्धाओं को उसने नष्ट कर दिया। ॥55-56 1/2॥
First, the mighty warrior Drona's son killed a hundred Panchala warriors with a hundred arrows and then, with three sharp arrows, he killed three of their mighty warriors as well. In front of Dhrishtadyumna and Arjuna, he destroyed the large number of Panchala warriors standing there. ॥ 55-56 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥