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mahabharat 7.160.53-54h: असीम आत्मविश्वास से संपन्न अश्वत्थामा ने मुड़ी हुई गांठों वाले सैकड़ों-हजारों बाणों द्वारा समस्त पांचालों को मार भगाया ॥53 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 53-54h
 
 
श्लोक  7.160.53-54h 
पञ्चालांश्चैव तान् सर्वान् बाणै: संनतपर्वभि:॥ ५३॥
व्यद्रावयदमेयात्मा शतशोऽथ सहस्रश:।
 
 
अनुवाद
असीम आत्मविश्वास से संपन्न अश्वत्थामा ने मुड़ी हुई गांठों वाले सैकड़ों-हजारों बाणों द्वारा समस्त पांचालों को मार भगाया ॥53 1/2॥
 
Ashvatthama, endowed with infinite self-confidence, drove away all the Panchalas with hundreds and thousands of arrows having bent knots. ॥ 53 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)