Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.160.52-53h: महाराज! तत्पश्चात् द्रोणकुमार ने बड़े वेग से युद्ध में आक्रमण करके महाबली धृष्टद्युम्न की ध्वजा, धनुष, छत्र, दोनों पार्श्वरक्षकों, सारथि और चारों घोड़ों को नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  7.160.52-53h 
ततो द्रौणिर्महाराज पार्षतस्य महात्मन:।
ध्वजं धनुस्तथा छत्रमुभौ च पार्ष्णिसारथी॥ ५२॥
सूतमश्वांश्च चतुरो निहत्याभ्यद्रवद् रणे।
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् द्रोणकुमार ने बड़े वेग से युद्ध में आक्रमण करके महाबली धृष्टद्युम्न की ध्वजा, धनुष, छत्र, दोनों पार्श्वरक्षकों, सारथि और चारों घोड़ों को नष्ट कर दिया।
 
Maharaj! Thereafter, Drona Kumar attacked the battle with great speed, destroying the flag, bow, umbrella, both the side guards, the charioteer and the four horses of the great Dhristadyumna. 52 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)