श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.160.5 
ते चापि कौरवीं सेनां निमेषार्धात् कुरूद्वह।
क्षपयेयुर्महाबाहो न स्याम यदि संयुगे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु कुरुश्रेष्ठ! यदि हम लोग युद्धभूमि में उपस्थित न हों, तो पाण्डव भी कौरव सेना को आधे दिन में ही नष्ट कर सकते हैं ॥5॥
 
‘Mahabahu Kurusrestha! If we are not present in the battlefield, then even the Pandavas can destroy the Kaurava army in just half a day. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)