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mahabharat 7.160.46: वे दोनों अपने बाणों से आकाश और सम्पूर्ण दिशाओं को भरकर महान अंधकार उत्पन्न कर बैठे और अदृश्य होकर युद्ध करते रहे ॥46॥   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.160.46 
शरौघै: पूरयन्तौ तावाकाशं च दिशस्तथा।
अलक्ष्यौ समयुध्येतां महत् कृत्वा शरैस्तम:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों अपने बाणों से आकाश और सम्पूर्ण दिशाओं को भरकर महान अंधकार उत्पन्न कर बैठे और अदृश्य होकर युद्ध करते रहे ॥46॥
 
Filling the sky and all directions with their arrows, they both created great darkness and continued to fight unseen. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)