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mahabharat 7.160.45: अश्वत्थामा और धृष्टद्युम्न का वह घोर एवं भयानक युद्ध देखकर सिद्ध, चारण और वायुचारी गरुड़ आदि ने उसकी बहुत प्रशंसा की ॥45॥   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.160.45 
द्रौणिपार्षतयोर्युद्धं घोररूपं भयानकम्।
दृष्ट्वा सम्पूजयामासु: सिद्धचारणवातिका:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
अश्वत्थामा और धृष्टद्युम्न का वह घोर एवं भयानक युद्ध देखकर सिद्ध, चारण और वायुचारी गरुड़ आदि ने उसकी बहुत प्रशंसा की ॥45॥
 
Seeing that fierce and terrible battle between Ashvatthama and Dhrishtadyumna, Siddha, Charan and Vayuchari Garuda etc. praised him greatly. 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)