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mahabharat 7.160.39-40h: जब द्रुपदपुत्र ने ऐसे कठोर वचन कहे, तब महाबली ब्राह्मण अश्वत्थामा अत्यन्त क्रोधित होकर बोले, "अरे! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ।" 39 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.160.39-40h 
इत्युक्त: परुषं वाक्यं पार्षतेन द्विजोत्तम:॥ ३९॥
क्रोधमाहारयत् तीव्रं तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
जब द्रुपदपुत्र ने ऐसे कठोर वचन कहे, तब महाबली ब्राह्मण अश्वत्थामा अत्यन्त क्रोधित होकर बोले, "अरे! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ।" 39 1/2
 
When Drupada's son spoke such harsh words, the great Brahmin Ashwatthama became very angry and said, "Hey! Stand, stand." 39 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)