Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.160.33-34h: जब युद्ध में व्याकुल पांचालराजकुमार धृष्टद्युम्न युद्धस्थल में अश्वत्थामा से पीड़ित हो गए, तब उन्होंने शब्दों द्वारा उसे डाँटकर इस प्रकार कहा:॥33 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स बाध्यमान: समरे द्रौणिना युद्धदुर्मद:॥ ३३॥
द्रौणिं पाञ्चालतनयो वाग्भिरातर्जयत् तदा।
अनुवाद
जब युद्ध में व्याकुल पांचालराजकुमार धृष्टद्युम्न युद्धस्थल में अश्वत्थामा से पीड़ित हो गए, तब उन्होंने शब्दों द्वारा उसे डाँटकर इस प्रकार कहा:॥33 1/2॥
When the war-ridden prince of Panchala, Dhrishtadyumna, was tormented by Ashvatthama in the battle-field, he rebuked him with words and said thus:॥ 33 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥