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mahabharat 7.160.31-32h: धृषद्युम्न! दो क्षण रुको, तब तक मैं तुम्हें अपने तीखे बाणों से यमलोक भेज दूँगा।' 31 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  7.160.31-32h 
धृष्टद्युम्न स्थिरो भूत्वा मुहूर्तं प्रतिपालय॥ ३१॥
यावत् त्वां निशितैर्बाणै: प्रेषयामि यमक्षयम्।
 
 
अनुवाद
धृषद्युम्न! दो क्षण रुको, तब तक मैं तुम्हें अपने तीखे बाणों से यमलोक भेज दूँगा।' 31 1/2
 
Dhrishadyumna! Stand still and wait for two more moments, till then I will send you to Yamaloka with my sharp arrows.' 31 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)