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mahabharat 7.160.22-23h: युद्धभूमि में मारे जाने पर पांचाल और सोमक द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को छोड़कर सभी दिशाओं में भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.160.22-23h 
ते हन्यमाना: समरे पञ्चाला: सोमकास्तथा॥ २२॥
परित्यज्य रणे द्रौणिं व्यद्रवन्त दिशो दश।
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में मारे जाने पर पांचाल और सोमक द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को छोड़कर सभी दिशाओं में भाग गए।
 
Being killed in the battle-field, the Panchalas and the Somakas abandoned Drona's son Ashvatthama and fled in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)