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mahabharat 7.160.1: संजय कहते हैं- राजन! दुर्योधन की यह बात सुनकर योद्धा अश्वत्थामा शत्रु को मारने के लिए उसी प्रकार प्रयत्न करने लगा, जैसे इन्द्र राक्षस को मारने का प्रयत्न करता है।   |   mahabharat अध्याय 7.160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.160.1 
संजय उवाच
दुर्योधनेनैवमुक्तो द्रौणिराहवदुर्मद:।
चकारारिवधे यत्नमिन्द्रो दैत्यवधे यथा॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! दुर्योधन की यह बात सुनकर योद्धा अश्वत्थामा शत्रु को मारने के लिए उसी प्रकार प्रयत्न करने लगा, जैसे इन्द्र राक्षस को मारने का प्रयत्न करता है।
 
Sanjay says- Rajan! On hearing this from Duryodhana, the warrior Ashwatthama started trying to kill the enemy in the same way as Indra tries to kill the demon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)