Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.16.d7: हे सारथि! यह समय विजय की आकांक्षा रखने वाले वीर पुरुष के लिए प्राण बचाने का नहीं है। तुम्हें स्वर्ग प्राप्ति, यश और विजय का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए। | mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सारथि! यह समय विजय की आकांक्षा रखने वाले वीर पुरुष के लिए प्राण बचाने का नहीं है। तुम्हें स्वर्ग प्राप्ति, यश और विजय का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
O charioteer! This is not the time for a brave man who aspires for victory to save his life. You should move ahead with the aim of attaining heaven and for fame and victory.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥