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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक d6
 
 
श्लोक  7.16.d6 
मत्प्रसादाद्धि बीभत्सु: परमेष्वासतां गत:॥
ममैवास्त्रं विजानाति धृष्टद्युम्नोऽपि पार्षत:।
 
 
अनुवाद
मेरे आशीर्वाद से अर्जुन महान धनुर्धर बन गया है। धृष्टद्युम्न को भी मेरे द्वारा दिए गए अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान है।
 
Arjun has become a great archer because of my blessings. Dhrishtadyumna also has the knowledge of the weapons given by me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)