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mahabharat 7.16.d10: उस समय करुष, मत्स्य, चेदि, सात्वत, पांडव और पांचाल वीरों ने एकत्रित होकर द्रोणाचार्य को रोका।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक d10
 
 
श्लोक  7.16.d10 
तं करूषाश्च मत्स्याश्च चेदयश्च ससात्वता:।
पाण्डवाश्च सपञ्चाला: सहिता: पर्यवारयन्॥)
 
 
अनुवाद
उस समय करुष, मत्स्य, चेदि, सात्वत, पांडव और पांचाल वीरों ने एकत्रित होकर द्रोणाचार्य को रोका।
 
At that time, Karusha, Matsya, Chedi, Satvata, Pandava and Panchala heroes came together and stopped Dronacharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)