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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.16.8 
तस्य कर्णात्मजश्चापं छित्त्वा केतुमपातयत्।
तं भ्रातरं परीप्सन्तो द्रौपदेया: समभ्ययु:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तभी कर्ण के पुत्र ने शतानीक का धनुष काट दिया और उसका ध्वज भी गिरा दिया। यह देखकर द्रौपदी के अन्य पुत्र भी अपने भाई की रक्षा के लिए वहाँ पहुँच गए।
 
Then Karna's son cut Satanika's bow and also dropped his flag. Seeing this, Draupadi's other sons also reached there to protect their brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)