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mahabharat 7.16.5: हे मनुष्यों के स्वामी! उस महाबली योद्धा ने युद्धस्थल में सैकड़ों-हजारों घोड़ों, रथों और हाथियों के समूहों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.16.5 
हयौघांश्च रथौघांश्च गजौघांश्च महारथ:।
अपातयद् रणे राजन् शतशोऽथ सहस्रश:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! उस महाबली योद्धा ने युद्धस्थल में सैकड़ों-हजारों घोड़ों, रथों और हाथियों के समूहों को मार डाला।
 
O lord of men! That mighty warrior killed hundreds and thousands of groups of horses, chariots and elephants on the battlefield. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)