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mahabharat 7.16.49: सूर्य पश्चिम की ओर चला गया और सारा जगत अंधकार में डूब गया। उस समय न तो मित्र का पता चलता था और न ही शत्रु का ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.16.49 
सूर्ये चास्तमनुप्राप्ते तमसा चाभिसंवृते।
नाज्ञायत तदा शत्रुर्न सुहृन्न च कश्चन॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
सूर्य पश्चिम की ओर चला गया और सारा जगत अंधकार में डूब गया। उस समय न तो मित्र का पता चलता था और न ही शत्रु का ॥49॥
 
The Sun went to the west and the entire world was engulfed in darkness. At that time, neither friend nor enemy could be identified. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)