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mahabharat 7.16.4: राजा! जैसे प्रचण्ड आँधी आने पर बड़े-बड़े वृक्ष सहसा टूटकर गिर पड़ते हैं, उसी प्रकार वृषसेन से पीड़ित हुए सारथी आदि योद्धा सहसा भूमि पर गिरने लगे॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.16.4 
तेनार्दिता महाराज रथिन: सादिनस्तथा।
निपेतुरुर्व्यां सहसा वातभग्ना इव द्रुमा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजा! जैसे प्रचण्ड आँधी आने पर बड़े-बड़े वृक्ष सहसा टूटकर गिर पड़ते हैं, उसी प्रकार वृषसेन से पीड़ित हुए सारथी आदि योद्धा सहसा भूमि पर गिरने लगे॥4॥
 
King! Just as large trees suddenly break and fall due to a strong storm, similarly the charioteers and other warriors who were afflicted by Vrishasena suddenly started falling on the ground. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)