Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.16.32-33: यह देखकर राजा युधिष्ठिर की रक्षा के लिए विराट, द्रुपद, केकय, सात्यकि, शिबि, पांचाल के व्याघ्रदत्त और शूरवीर सिंहसेना के साथ-साथ कई अन्य राजा द्रोणाचार्य के रास्ते में खड़े हो गए और उन पर बाणों की वर्षा करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह देखकर राजा युधिष्ठिर की रक्षा के लिए विराट, द्रुपद, केकय, सात्यकि, शिबि, पांचाल के व्याघ्रदत्त और शूरवीर सिंहसेना के साथ-साथ कई अन्य राजा द्रोणाचार्य के रास्ते में खड़े हो गए और उन पर बाणों की वर्षा करने लगे।
Seeing this, Virata, Drupada, Kekaya, Satyaki, Sibi, Vyaghradatta of Panchala and the valiant Singhasena, as well as many other kings, stood in the way of Dronacharya, showering arrows on him to protect King Yudhishthira.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥