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mahabharat 7.16.31: तत्पश्चात्, मुड़े हुए बाणों से युधिष्ठिर को घायल करके द्रोणाचार्य ने भल्ल नामक बाण से युगंधर को मारकर उसे रथ के आसन से नीचे गिरा दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.16.31 
युधिष्ठिरं स विद्‍ध्वा तु शरै: संनतपर्वभि:।
युगन्धरं तु भल्लेन रथनीडादपातयत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, मुड़े हुए बाणों से युधिष्ठिर को घायल करके द्रोणाचार्य ने भल्ल नामक बाण से युगंधर को मारकर उसे रथ के आसन से नीचे गिरा दिया।
 
Then, after wounding Yudhishthira with arrows having bent ends, Dronacharya killed Yugandhar with an arrow called Bhall and made him fall from the seat of the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)