Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.16.29: हे राजन! उसने युद्धस्थल में प्रधान योद्धाओं पर आक्रमण करके सबको आतंकित कर दिया और कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर को पकड़ने के लिए उन पर बड़े बल से आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.16.29 
व्यक्षोभयद् रणे योधान् यथा मुख्यमभिद्रवन्।
अभ्यवर्तत सम्प्रेप्सु: कुन्तीपुत्रं युधिष्ठिरम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उसने युद्धस्थल में प्रधान योद्धाओं पर आक्रमण करके सबको आतंकित कर दिया और कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर को पकड़ने के लिए उन पर बड़े बल से आक्रमण किया।
 
O King! He attacked the main warriors in the battlefield and put them all into a state of panic and attacked Yudhishthira, the son of Kunti, with great force to capture him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)