Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.16.23: उस महायुद्ध में कुमार क्रोधित हो गए और बार-बार गर्जना करते हुए उन्होंने द्रोणाचार्य की छाती में बाण मारा।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.16.23 
कुमारस्तु ततो द्रोणं सायकेन महाहवे।
विव्याधोरसि संक्रुद्ध: सिंहवच्च नदन् मुहु:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में कुमार क्रोधित हो गए और बार-बार गर्जना करते हुए उन्होंने द्रोणाचार्य की छाती में बाण मारा।
 
In that great battle, Kumara became enraged and roared repeatedly and struck Dronacharya in the chest with an arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)