Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.16.22: जब पाण्डव सेना ने देखा कि महाब्राह्मण द्रोणाचार्य कुमार द्वारा रोके जा रहे हैं, तब सिंहों की गर्जना जोर से हुई और सब लोग 'बहुत अच्छा, बहुत अच्छा' कहने लगे॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.16.22 
द्रोणं निवारितं दृष्ट्वा कुमारेण द्विजर्षभम्।
सिंहनादरवो ह्यासीत् साधु साध्विति भाषितम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जब पाण्डव सेना ने देखा कि महाब्राह्मण द्रोणाचार्य कुमार द्वारा रोके जा रहे हैं, तब सिंहों की गर्जना जोर से हुई और सब लोग 'बहुत अच्छा, बहुत अच्छा' कहने लगे॥ 22॥
 
When the Pandava army saw the great Brahmin Dronacharya being stopped by Kumar, there was loud roaring of the lions and everybody started saying, 'Very good, very good.'॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)