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mahabharat 7.16.19: तब लाल घोड़ों पर सवार द्रोणाचार्य क्रोधित होकर चार दाँत वाले हाथी की तरह पाण्डव सेना में घुस आये और युधिष्ठिर पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.16.19 
तत: शोणहय: क्रुद्धश्चतुर्दन्त इव द्विप:।
प्रविश्य पाण्डवानीकं युधिष्ठिरमुपाद्रवत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तब लाल घोड़ों पर सवार द्रोणाचार्य क्रोधित होकर चार दाँत वाले हाथी की तरह पाण्डव सेना में घुस आये और युधिष्ठिर पर आक्रमण कर दिया।
 
Then Dronacharya, riding on red horses, became enraged and entered the Pandava army like a four-tusked elephant and attacked Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)