Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.16.13: इस प्रकार एक दूसरे के प्रति अपराध करनेवाले कौरव और पाण्डव एक दूसरे की ओर क्रोध भरी दृष्टि से देखते हुए युद्ध करने लगे॥13॥ | mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं युयुधिरे वीरा: संरब्धा: कुरुपाण्डवा:।
परस्परमुदीक्षन्त: परस्परकृतागस:॥ १३॥
अनुवाद
इस प्रकार एक दूसरे के प्रति अपराध करनेवाले कौरव और पाण्डव एक दूसरे की ओर क्रोध भरी दृष्टि से देखते हुए युद्ध करने लगे॥13॥
In this way, the Kauravas and the Pandavas, who had committed crimes against each other, started fighting while looking at each other with angry glances. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥