Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.16.11: तब पांडवों ने अपने पुत्रों के प्राण बचाने की इच्छा से तुरन्त आकर उन कौरव योद्धाओं को रोक दिया। पांडवों के साथ पांचाल, केकय, मत्स्य और संजय देशों के योद्धा भी अपने-अपने अस्त्र-शस्त्रों सहित उपस्थित थे। | mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब पांडवों ने अपने पुत्रों के प्राण बचाने की इच्छा से तुरन्त आकर उन कौरव योद्धाओं को रोक दिया। पांडवों के साथ पांचाल, केकय, मत्स्य और संजय देशों के योद्धा भी अपने-अपने अस्त्र-शस्त्रों सहित उपस्थित थे।
Then the Pandavas, wanting to save the lives of their sons, immediately came and stopped those Kaurava warriors. Along with the Pandavas, warriors from Panchala, Kekaya, Matsya and Sanjaya countries were also present with their weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥