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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध
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श्लोक 97
श्लोक
7.159.97
न तेऽस्त्रगोचरे शक्ता: स्थातुं देवा: सवासवा:।
किमु पार्था: सपाञ्चाला: सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ९७॥
अनुवाद
मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि इन्द्र आदि देवता भी तुम्हारे बाणों के मार्ग में नहीं टिक सकते; फिर कुन्तीपुत्र और पांचाल क्या कर सकते हैं?
I tell you the truth that even Indra and all the other gods cannot stand in the path of your arrows; then what can Kunti's sons and the Panchalas do?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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