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को हि शस्त्रविदां मुख्यो महेश्वरसमो युधि।
शत्रुं न क्षपयेच्छक्तो यो न स्याद् गौतमीसुत:॥ ८९॥
अनुवाद
कृपीपुत्र अश्वत्थामा के अतिरिक्त ऐसा कौन वीर है जो शस्त्रविद्या में श्रेष्ठ, महादेव के समान पराक्रमी और शक्तिशाली होने पर भी युद्ध में शत्रुओं का वध न कर दे?
Besides Ashwathama, the son of Kripi, who else is such a brave man who, despite being the foremost among experts in weapons, as valiant and powerful as Mahadeva, will not kill the enemy in battle? 89
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥