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mahabharat 7.159.70: आज जब मैं गाण्डीवधारी अर्जुन के साथ युद्ध करूँगा, तब कुन्ती के सभी पुत्र मेरा वह पराक्रम देखेंगे, जो प्रलयकाल में मृत्यु के समान है।   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  7.159.70 
अद्य मे युध्यमानस्य सह गाण्डीवधन्वना।
द्रक्ष्यन्ति विक्रमं पार्था: कालस्येव युगक्षये॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
आज जब मैं गाण्डीवधारी अर्जुन के साथ युद्ध करूँगा, तब कुन्ती के सभी पुत्र मेरा वह पराक्रम देखेंगे, जो प्रलयकाल में मृत्यु के समान है।
 
‘Today, when I fight with Arjuna wielding the Gandiva, all the sons of Kunti will see my prowess, which is like death during the time of doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)