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mahabharat 7.159.63-64h: धनुष कट जाने तथा घोड़ों और सारथि के मारे जाने पर पाण्डव पुत्र अर्जुन ने चार बाणों से कर्ण को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 63-64h
 
 
श्लोक  7.159.63-64h 
अथैनं छिन्नधन्वानं हताश्वं हतसारथिम्॥ ६३॥
विव्याध सायकै: पार्थश्चतुर्भि: पाण्डुनन्दन:।
 
 
अनुवाद
धनुष कट जाने तथा घोड़ों और सारथि के मारे जाने पर पाण्डव पुत्र अर्जुन ने चार बाणों से कर्ण को घायल कर दिया।
 
After the bow was cut and the horses and charioteer were killed, Karna was wounded by Pandava son Arjuna with four arrows. 63 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)