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mahabharat 7.159.60-61h: जैसे दो जंगली हाथी एक हथिनी के लिए क्रोधपूर्वक लड़ रहे हों, उसी प्रकार उस युद्धभूमि में कर्ण और अर्जुन का युद्ध महान् एवं अद्भुत था।   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 60-61h
 
 
श्लोक  7.159.60-61h 
तदद्भुतं महद् युद्धं कर्णपाण्डवयोर्मृधे॥ ६०॥
क्रुद्धयोर्वासिताहेतोर्वन्ययोर्गजयोरिव।
 
 
अनुवाद
जैसे दो जंगली हाथी एक हथिनी के लिए क्रोधपूर्वक लड़ रहे हों, उसी प्रकार उस युद्धभूमि में कर्ण और अर्जुन का युद्ध महान् एवं अद्भुत था।
 
Just like two wild elephants fighting angrily for a female elephant, similarly the battle between Karna and Arjuna on that battlefield was great and wonderful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)