Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.159.54-55: शत्रुओं को संताप देने वाले महाबली अर्जुन कर्ण की फुर्ती को सहन न कर सके। उन्होंने सारथीपुत्र कर्ण पर शिला पर तीखे तीन सौ बाण छोड़े। | mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं को संताप देने वाले महाबली अर्जुन कर्ण की फुर्ती को सहन न कर सके। उन्होंने सारथीपुत्र कर्ण पर शिला पर तीखे तीन सौ बाण छोड़े।
The mighty Arjuna, who torments his enemies, could not tolerate Karna's agility. He shot three hundred arrows with sharp edges sharpened on a rock at Karna, the son of a charioteer. 54-55.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥