Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.159.46-47h: तदनन्तर राक्षस सेना पर आक्रमण करने वाले इन्द्र के समान अर्जुन को कौरव सेना की ओर आते देख अश्वत्थामा, कृपाचार्य शल्य और महारथी कृतवर्मा सूतपुत्र की रक्षा की इच्छा से अर्जुन का सामना करने के लिए आगे बढ़े। 46 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 46-47h
 
 
श्लोक  7.159.46-47h 
ततो द्रौणि: कृप: शल्यो हार्दिक्यश्च महारथ:।
प्रत्युद्ययुस्तदा पार्थं सूतपुत्रपरीप्सया॥ ४६॥
आयान्तं वीक्ष्य कौन्तेयं शक्रं दैत्यचमूमिव।
 
 
अनुवाद
तदनन्तर राक्षस सेना पर आक्रमण करने वाले इन्द्र के समान अर्जुन को कौरव सेना की ओर आते देख अश्वत्थामा, कृपाचार्य शल्य और महारथी कृतवर्मा सूतपुत्र की रक्षा की इच्छा से अर्जुन का सामना करने के लिए आगे बढ़े। 46 1/2॥
 
Then, seeing Arjun coming towards the Kaurava army, like Indra, who was attacking the demon army, Ashwatthama, Kripacharya Shalya and the great warrior Kritavarma moved forward to face Arjun with the desire to protect the son of Suta. 46 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)