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mahabharat 7.159.39-40h: महाराज! वहाँ की सारी भूमि चारों ओर से उन योद्धाओं के कटे हुए सिरों और भुजाओं से ढकी हुई थी, जिन्होंने युद्ध में पीठ नहीं दिखाई थी। 39 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.159.39-40h 
शिरोभि: पतितै राजन् बाहुभिश्च समन्तत:॥ ३९॥
आस्तीर्णा वसुधा सर्वा शूराणामनिवर्तिनाम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! वहाँ की सारी भूमि चारों ओर से उन योद्धाओं के कटे हुए सिरों और भुजाओं से ढकी हुई थी, जिन्होंने युद्ध में पीठ नहीं दिखाई थी। 39 1/2
 
King! The entire ground there was covered on all sides with the severed heads and arms of the warriors who did not turn their backs in the war. 39 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)