Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.159.35: वहाँ हमने सारथीपुत्र कर्ण की अद्भुत चपलता देखी, जिसके कारण सब ओर से प्रयत्न करने पर भी शत्रु योद्धा उस रणभूमि में कर्ण पर विजय प्राप्त नहीं कर सके। | mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ हमने सारथीपुत्र कर्ण की अद्भुत चपलता देखी, जिसके कारण सब ओर से प्रयत्न करने पर भी शत्रु योद्धा उस रणभूमि में कर्ण पर विजय प्राप्त नहीं कर सके।
There we witnessed the astonishing agility of Karna, the son of a charioteer, due to which, in spite of trying from all sides, the enemy warriors were not able to overpower Karna on that battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥