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mahabharat 7.159.2: जिस प्रकार सिंह उन्मत्त हाथी पर आक्रमण करता है, उसी प्रकार द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने अत्यन्त क्रोध में भरकर कुरुराज दुर्योधन के सामने ही कर्ण पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.159.2 
तत: परमसंक्रुद्ध: सिंहो मत्तमिव द्विपम्।
प्रेक्षत: कुरुराजस्य द्रौणि: कर्णं समभ्ययात्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार सिंह उन्मत्त हाथी पर आक्रमण करता है, उसी प्रकार द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने अत्यन्त क्रोध में भरकर कुरुराज दुर्योधन के सामने ही कर्ण पर आक्रमण कर दिया।
 
Just as a lion attacks a mad elephant, Drona's son Ashwatthama, filled with great anger, attacked Karna in front of Kuru king Duryodhana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)