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mahabharat 7.158.68: हे ब्रह्म! दुर्योधन के वे शत्रु जिनकी आप सदैव प्रशंसा करते हैं, उन्होंने भी सैकड़ों-हजारों वीर योद्धाओं को मार डाला है।   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.158.68 
यांश्च तान् स्तौषि सततं दुर्योधनरिपून् द्विज।
तेषामपि हता: शूरा: शतशोऽथ सहस्रश:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
हे ब्रह्म! दुर्योधन के वे शत्रु जिनकी आप सदैव प्रशंसा करते हैं, उन्होंने भी सैकड़ों-हजारों वीर योद्धाओं को मार डाला है।
 
Brahman! Those enemies of Duryodhan whom you always praise, even they have killed hundreds and thousands of brave warriors. 68
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)