Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.158.62: जो वीर, शस्त्र चलाने में निपुण, बलवान, स्वर्ग की इच्छा रखने वाले, धर्म के ज्ञाता और युद्ध में कुशल हैं, वे युद्ध में देवताओं को भी मार सकते हैं॥ 62॥   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.158.62 
शूराश्च हि कृतास्त्राश्च बलिन: स्वर्गलिप्सव:।
धर्मज्ञा युद्धकुशला हन्युर्युद्धे सुरानपि॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
जो वीर, शस्त्र चलाने में निपुण, बलवान, स्वर्ग की इच्छा रखने वाले, धर्म के ज्ञाता और युद्ध में कुशल हैं, वे युद्ध में देवताओं को भी मार सकते हैं॥ 62॥
 
Those who are valiant, knowledgeable in the use of weapons, strong, aspiring for heaven, knowledgeable in Dharma and skilled in warfare can kill even the Gods in battle.॥ 62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)