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mahabharat 7.158.6: हे भरतपुत्र! धैर्य रखो। मैं तुम्हें सत्य वचन देता हूँ कि मैं युद्धभूमि में आये हुए पाण्डवों और पांचालों का अवश्य ही वध करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.158.6 
सत्यं ते प्रतिजानामि समाश्वसिहि भारत।
हन्तास्मि पाण्डुतनयान् पञ्चालांश्च समागतान्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! धैर्य रखो। मैं तुम्हें सत्य वचन देता हूँ कि मैं युद्धभूमि में आये हुए पाण्डवों और पांचालों का अवश्य ही वध करूँगा।
 
O son of Bharata! Be patient. I promise you with all sincerity that I will surely kill the Pandavas and the Panchalas who have come to the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)