Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.158.56: तुम ब्राह्मण हो और वह भी वृद्ध। तुममें युद्ध करने की शक्ति नहीं है। इसके अतिरिक्त तुम कुंती के पुत्रों से प्रेम करते हो, इसीलिए मोहवश मेरा अपमान कर रहे हो।' 56.   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  7.158.56 
त्वं तु विप्रश्च वृद्धश्च अशक्तश्चापि संयुगे।
कृतस्नेहश्च पार्थेषु मोहान्मामवमन्यसे॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
तुम ब्राह्मण हो और वह भी वृद्ध। तुममें युद्ध करने की शक्ति नहीं है। इसके अतिरिक्त तुम कुंती के पुत्रों से प्रेम करते हो, इसीलिए मोहवश मेरा अपमान कर रहे हो।' 56.
 
‘You are a Brahmin and that too an old man. You do not have the strength to fight. Apart from this, you love Kunti's sons; that is why you are insulting me out of attachment. 56.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)