Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.158.5: कर्ण ने कहा- राजन! यदि साक्षात् इन्द्र कुन्तीकुमार अर्जुन की रक्षा के लिए यहाँ आये हैं, तो उन्हें शीघ्र ही परास्त करके मैं पाण्डुपुत्र अर्जुन का अवश्य ही वध कर दूँगा॥5॥   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.158.5 
कर्ण उवाच
परित्रातुमिह प्राप्तो यदि पार्थं पुरंदर:।
तमप्याशु पराजित्य ततो हन्तास्मि पाण्डवम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा- राजन! यदि साक्षात् इन्द्र कुन्तीकुमार अर्जुन की रक्षा के लिए यहाँ आये हैं, तो उन्हें शीघ्र ही परास्त करके मैं पाण्डुपुत्र अर्जुन का अवश्य ही वध कर दूँगा॥5॥
 
Karna said- Rajan! If Indra in person has come here to protect Kuntikumar Arjun, then after defeating him too soon, I will definitely kill Pandu's son Arjun. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)