Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.158.47-48h: सूतपुत्र! तुम जो युद्धस्थल में भगवान् श्रीकृष्ण के साथ युद्ध करने के लिए सदैव उत्साह दिखाते हो, यह तुम्हारा महान अन्याय (अक्षम्य अपराध) है। 47 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान  »  श्लोक 47-48h
 
 
श्लोक  7.158.47-48h 
महानपनयस्त्वेष नित्यं हि तव सूतज॥ ४७॥
यस्त्वमुत्सहसे योद्‍धुं समरे शौरिणा सह।
 
 
अनुवाद
सूतपुत्र! तुम जो युद्धस्थल में भगवान् श्रीकृष्ण के साथ युद्ध करने के लिए सदैव उत्साह दिखाते हो, यह तुम्हारा महान अन्याय (अक्षम्य अपराध) है। 47 1/2॥
 
Sutaputra! You who always show enthusiasm to fight with Lord Shri Krishna in the battlefield, this is a great injustice (unforgivable crime) of yours. 47 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)